Sunil Dutt Life Facts: 6 जून 1929 को जन्मे सुनील दत्त (Sunil Dutt) का ज्यादातर बचपन आजादी की लड़ाई के बीच दंगों में गुजरा. 5 साल में पिता का साया उठ गया. 18 साल के हुए तो भारत-पाकिस्तान के दंगों के चलते पूरा परिवार पाकिस्तान चला गया और सुनील भारत में रह गए. घर चलाने के लिए कभी आर्मी में हवलदार बने तो कभी ट्रांसपोर्ट कंपनी में मामूली नौकरी की, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. जय हिंद कॉलेज में पढ़ाई के दौरान सुनील थिएटर ग्रुप का हिस्सा बने. प्ले में इनकी आवाज से इंप्रेस होकर रेडियो चैनल के हेड ने रेडियो में नौकरी दे दी. तनख्वाह थी 25 रुपए.

 

इन्हें नरगिस (Nargis), दिलीप कुमार (Dilip Kumar), देव आनंद (Dev Anand) जैसे बड़े सितारों का इंटरव्यू लेने का मौका मिला करता था. एक दिन जब दिलीप कुमार का इंटरव्यू लेने शिकस्त फिल्म के सेट पर पहुंचे तो डायरेक्टर रमेश सहगल ने उनका स्क्रीन टेस्ट लेकर फिल्म ऑफर कर दी. 1955 की रेल्वे प्लेटफॉर्म से सुनील फिल्मों में आए. कई फिल्में की तो जरूर लेकिन असल पहचान 1958 की मदर इंडिया (Mother India) से मिली. मदर इंडिया के सेट पर नरगिस और सुनील करीब आए. दोनों ने 1959 में शादी कर ली.

 

सुनील ने अंजता प्रोडक्शन हाउस शुरू कर फिल्में भी बनाईं, वहीं साल 1964 की फिल्म यादें से इन्होंने डायरेक्शन में भी हाथ आजमाया. सुनील ने ही बेटे संजय दत्त को रॉकी फिल्म से 1981 में लॉन्च किया. फिल्म हिट तो हुई लेकिन इसके पहले ही नरगिस का कैंसर से निधन हो गया. पत्नी की मौत से सुनील बुरी तरह टूट गए और ज्यादातर समय कैंसर पीड़ितों की मदद और समाज सेवा में देने लगे.

 

दूसरी बार इनकी जिंदगी का बुरा वक्त तब आया जब बेटे को जेल से छुड़ाने के लिए इन्हें अपना घर तक बेचना पड़ा. दोस्त राजीव गांधी (Rajeev Gandhi) के कहने पर सुनील राजनीति में आए और कामयाब रहे. सुनील ने अपनी जिंदगी के 48 साल फिल्मों को दिए, 100 से ज्यादा फिल्में कीं और पद्मश्री, नेशनल अवॉर्ड जैसे कई बड़े अवॉर्ड हासिल किए.

 



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