हाइलाइट्स

चेतेश्वर पुजारा ने इस साल काउंटी क्रिकेट में 1 हजार से अधिक रन बनाए
उन्होंने रॉयल लंदन वनडे कप में भी 89 की औसत से 624 रन बनाए थे

नई दिल्ली. चेतेश्वर पुजारा ने टीम इंडिया से बाहर होने के बाद इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट और वहां के वनडे टूर्नामेंट रॉयल लंदन कप में जिस तरह की बल्लेबाजी की है, उसने सभी को हैरान कर दिया. इसी प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड के खिलाफ इकलौते टेस्ट के लिए उनकी भारतीय टीम में वापसी भी हुई थी. इसके बाद से ही वो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. 2018 के बाद उन्होंने रॉयल लंदन वनडे कप में खेलने का फैसला किया. उन्होंने इसके लिए ससेक्स से करार किया था. ससेक्स के कप्तान के तौर पर पुजारा ने टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने 9 मैच में 89 से भी अधिक की औसत और 111 के स्ट्राइक रेट से 624 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने तीन शतक और दो अर्धशतक भी ठोके.

वो टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर रहे. वहीं, काउंटी चैम्पियनशिप के डिवीजन-2 में वो रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर रहे. पुजारा ने ससेक्स के लिए 8 मैच की 13 पारी में 109 की औसत से 1094 रन बनाए. उन्होंने पूरे सीजन में 5 शतक ठोके.

द क्रिकेट पॉडकास्ट से बात करते हुए, पुजारा ने खुलासा किया कि उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से 2021 में आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला और इस साल नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा था. इसके बाद मुझे नई चीजें सीखने को मिली. मुझे लगा कि मैं भी फटाफट क्रिकेट खेल सकता हूं.

मैंने इंग्लैंड में अलग तरह की बल्लेबाजी की: पुजारा
पुजारा ने आगे कहा, ‘यह निश्चित रूप से मेरे खेल का एक अलग ही पक्ष है. इसमें तो कोई शक ही नहीं है. इंग्लैंड में पिच अच्छी थी. थोड़ी सपाट थी लेकिन उन विकेटों पर भी आपको अच्छे स्ट्राइक रेट से रन बनाने के लिए आक्रामक होकर खेलना होता है. आपकी सोच सकारात्मक होना जरूरी है. यह एक ऐसी चीज है जिस पर मैंने हमेशा काम किया है. मैं एक साल पहले सीएसके का हिस्सा था और जब मैंने कोई मैच नहीं खेला और लोगों को तैयारी करते देखा, तो मैंने खुद से कहा कि अगर मैं छोटे फॉर्मेट में खेलना चाहता हूं, तो मुझे हर हाल में बड़े शॉट खेलने होंगे और अपने विकेट को कीमती बनाना होगा.’

पुजारा ने बताया-कैसे हुए फटाफट क्रिकेट में सफल ?
पुजारा की गिनती तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज के रूप में होती है, वो मैदान पर ज्यादा जोखिम भरे शॉट नही खेलते हैं. लेकिन, वनडे फॉर्मेट के हिसाब से खुद की बल्लेबाजी में सुधार लाने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की. उन्होंने अपने खेल के किन पहलूओं पर काम किया, इस पॉडकास्ट में उसका खुलासा भी किया.

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उन्होंने कहा, ‘मैंने रॉयल लंदन वनडे कप से पहले इस पर काम किया था. मैं ग्रांट के साथ गया और अपनी बल्लेबाजी को लेकर उनसे बात की. मैंने कहा कि कुछ शॉट ऐसे हैं, जिन पर मैं काम करना चाहता हूं. जब हम ट्रेनिंग कर रहे थे, तो उन्होंने मुझसे कहा कि मैं अच्छी बल्लेबाजी कर रहा हूं और जिस शॉट को लेकर चर्चा की थी, वो बेहतर खेल रहा हूं. इससे मुझे आत्मविश्वास मिला. मैंने सोचा कि अगर मैं कुछ लॉफ्टेड शॉट्स पर काम करता रहूं, जो मेरी मदद कर सकते हैं और अगर मैं उन पर अमल कर सकता हूं, तो मैं टी20 या वनडे फॉर्मेट में भी कामयाब हो सकता हूं.’

Tags: Cheteshwar Pujara, County cricket, Csk, IPL, Team india

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