हाइलाइट्स

रोहित शर्मा ने श्रीलंका के खिलाफ 41 गेंदों में 72 रन बनाए.
सुपर 4 के मैच में श्रीलंका ने भारत को 6 विकेट से मात दी.
एशिया कप फाइनल में पहुंचने की भारत की राह मुश्किल है.

नई दिल्ली. भारत के कप्तान रोहित शर्मा मंगलवार (6 सितंबर) को श्रीलंका के खिलाफ लगातार अपना दूसरा सुपर फोर मैच हारने के बावजूद चिंता में नहीं हैं. भारतीय बल्लेबाजों ने चुनौतीपूर्ण कुल 173 रन बनाए थे. इसमें रोहित शर्मा 41 गेंदों में 72 रन बनाकर योगदान दिया. हालांकि, श्रीलंका ने शानदार ढंग से लक्ष्य का पीछा किया. बीच में एक बार श्रीलंका के बल्लेबाज डगमगाए, लेकिन अंत में एक गेंद शेष रहते लक्ष्य का पीछा करने में कामयाब रहे. श्रीलंका से हार का मतलब था कि भारत की एशिया कप फाइनल में जगह बनाने की संभावना फिलहाल मुश्किल है. बावजूद इसके रोहित शर्मा पिछले दो नकारात्मक परिणामों के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं हैं.

हालांकि, इस बार मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए भारत के कप्तान अपने जोशीले स्वभाव के विपरीत थोड़े चिड़चिड़े लग रहे थे. वह कुछ सवालों से इतना चिढ़ गए कि उन्होंने मीडिया को अपने ड्रेसिंग रूम में आने का न्योता भी दे दिया. रोहित ने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि कुछ गलत है, यह बाहर से ऐसा दिखता है, लेकिन हम इसे इस तरह नहीं देखते हैं. मैं कई प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुका हूं और जब आप हारेंगे तो ऐसे सवाल पूछे जाएंगे. यह आम है, लेकिन जहां तक ​​टीम का सवाल है आप [ड्रेसिंग रूम] में जा सकते हैं और देख सकते हैं, सभी लड़के आराम से हैं और चिल हैं. आप जीतें या हारें, हमें ऐसा माहौल बनाने की जरूरत है.”

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लगातार दो हार के बाद चिंता में नहीं रोहित शर्मा
यह पूछे जाने पर कि क्या टीम के पास चिंता करने का कोई कारण है? रोहित ने कहा, “कोई चिंता नहीं है. अगर आप दो मैच हार जाते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप चिंता करना शुरू कर दें. हमारे ड्रेसिंग रूम में इस तरह की बातचीत नहीं होती है. हमने विश्व कप के बाद कई मैच खेले हैं और हमने इतने मैच जीते हैं, सिर्फ इसलिए कि हम एशिया कप में ये दो मैच हार गए हैं, मुझे नहीं लगता कि चिंता का कोई कारण है. अनुभवी बल्लेबाज आउट हो जाते हैं और अनुभवी गेंदबाजों पर रन पड़ते हैं. यह सब सामान्य है और ऐसा होता रहता है.”

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रोहित ने किया भुवनेश्वर कुमार का बचाव
उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें चिंता करनी शुरू कर देनी चाहिए. भुवनेश्वर कुमार इतने सालों से खेल रहे हैं, उन्होंने डेथ ओवरों हमारे लिए इतने मैच जीते हैं. 1-2 खराब गेम का मतलब यह नहीं है कि हम उन्हें जज करना शुरू कर दें.”

रोहित ने बताया हार के बाद कैसा है ड्रेसिंग रूम का माहौल
रोहित ने आगे कहा, ”हमने अपने ड्रेसिंग रूम में इस बारे में बात की है, हमने इस बारे में बात की है कि हम खेल से कैसे आगे रह सकते हैं. दुर्भाग्य से हम पिछले साल टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं गए थे, हम यहां एशिया कप में दो मैच हार चुके हैं. लेकिन यह हमारे लिए एक चुनौती है, हमारी टीम का हर खिलाड़ी चुनौती जानता है. लेकिन अगर आप आईसीसी टूर्नामेंट में हमारे इतिहास को देखें, तो आप देख सकते हैं कि हमने सेमीफाइनल, फाइनल खेला है और हमने अतीत में फाइनल भी जीता है. मुझे नहीं लगता, हमें इसके बारे में बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत है. हमारा काम खिलाड़ियों को यह समझने में मदद करना है कि दबाव की परिस्थितियों में बेहतर निर्णय कैसे लें.”

रोहित ने बहु-राष्ट्र टूर्नामेंट को बताया चुनौती
भारत के कप्तान ने कहा कि टीम को अपनी लय का फायदा उठाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि उन्हें बैक-टू-बैक गेम हारने की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं लगता कि हम कहीं भी (बहु-राष्ट्र टूर्नामेंट में) पीछे हैं. टीम के भीतर क्वॉलिटी है, मुझे लगता है कि लाइन के नीचे कहीं न कहीं, जब एक बहु-राष्ट्र टूर्नामेंट होता है, तो दबाव अधिक होता है. द्विपक्षीय मैचों में, आप एक ही प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ 3-5 मैच खेलते हैं, वहां आपके पास विपक्ष की मानसिकता को पढ़ने का मौका होता है. लेकिन जब आप विश्व कप, एशिया कप जैसे टूर्नामेंट खेलते हैं, तो चुनौती अलग-अलग टीमों के खिलाफ खेलने की होती है.”

Tags: Asia cup, IND vs SL, India Vs Sri lanka, Rohit sharma

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