नई दिल्ली. भारतीय टीम एशिया कप में लगातार दो मैच हारकर खिताबी रेस से लगभग बाहर हो गई है. रोहित शर्मा की कप्तानी में उतरी टीम इंडिया को श्रीलंका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. यह भारतीय टीम की तीन दिन में दूसरी हार है. भारतीय टीम रविवार को पाकिस्तान से भी हार गई थी. लगातार दो हार के बाद कहा जा रहा है कि ‘रोहित ब्रिगेड’ अपने पहले बड़े टेस्ट में फेल हो गई है.

वैसे एशिया कप के सुपर-4 में भारत को अभी अफगानिस्तान के खिलाफ एक मैच खेलना है. पॉइंट टेबल का समीकरण देखें तो भारत अब भी फाइनल में पहुंच सकता है. लेकिन इसकी संभावना बेहद कम है क्योंकि इसके लिए ना सिर्फ भारत को अपना आखिरी मैच जीतना होगा. बल्कि पाकिस्तान के हारने की दुआ भी करनी होगी. पाकिस्तान को अभी सुपर-4 में 2 मैच खेलने हैं.

टीम इंडिया जब एशिया कप के लिए यूएई रवाना हुई तो भारतीय क्रिकेटप्रेमियों को खिताबी हैट्रिक की उम्मीद थी. भारत ने 2018 में रोहित शर्मा की कप्तानी में ही एशिया कप जीता था. इसलिए भी यह उम्मीदें बढ़ी हुई थीं. लेकिन जब 2018 में भारत ने ट्रॉफी जीती, तब रोहित कार्यवाहक कप्तान थे. उन्हें कप्तानी इसलिए मिली थी क्योंकि विराट कोहली को रेस्ट दिया गया था. लेकिन इन बरसों में काफी कुछ बदल गया है. अब विराट कप्तानी छोड़ चुके हैं और टीम की कमान रोहित शर्मा के हाथों में है.

भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में कई मैच जीते हैं. उनकी जीत का प्रतिशत बेहद शानदार है. हालांकि, 2021 में टीम की कमान संभालने के बाद यह पहला बड़ा टूर्नामेंट था, जिसमें भारतीय टीम उतरी थी. भारतीय टीम के पिछले रिकॉर्ड, खिलाड़ियों के रुतबे के चलते उसे खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था. लेकिन मैदान पर यह रुतबा नहीं दिखा और टीम लगातार 2 मैच हारकर फाइनल की रेस से बाहर हो गई.

भारतीय टीम जिस अंदाज में एशिया कप से बाहर हुई है, उससे सवाल उठने लाजिमी हैं. सबसे पहले सवाल उठेंगे रोहित शर्मा की कप्तानी पर और प्लेइंग इलेवन में खिलाड़ियों के चयन पर. भारत ने इस टूर्नामेंट में अब तक खेले 4 मैचों में सभी 16 खिलाड़ियों को एक ना एक बार प्लेइंग इलेवन में मौका दिया है. वैसे तो इसकी एक वजह रवींद्र जडेजा की चोट और आवेश खान की बीमारी भी रही. लेकिन तब भी टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक के बीच उलझता दिखा. यही हाल दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल के बीच चुनाव में दिखा. भारतीय टीम ने बॉलिंग ऑलराउंडर अक्षर की जगह बैटिंग ऑलराउंडर दीपक को चुना, जिससे टीम की गेंदबाजी प्रभावित हुई.

ऐसा भी नहीं है कि जब टीम इंडिया की हार पर सवाल उठेंगे तो सिर्फ कप्तान रोहित शर्मा ही निशाने पर होंगे. कोच राहुल द्रविड़ भी सवालों से नहीं बच पाएंगे. वजह साफ है- अब आगामी टी20 वर्ल्ड कप में महज 40 दिन भी बाकी नहीं हैं और भारतीय टीम अब भी अपना बेस्ट कॉम्बनिशन तलाश रही है. भारतीय क्रिकेटप्रेमी तो अब टीम इंडिया के इन प्रयोगों को लेकर धैर्य खोने लगी है. कहा जा रहा है कि कहीं इन प्रयोग के चक्कर में देर ना हो जाय. साल 2019 के विश्व कप से पहले ऐसा हो चुका है, जब टीम इंडिया ने नंबर-4 पर खूब प्रयोग किए थे.

Tags: Asia cup, India Vs Sri lanka, Rahul Dravid, Rohit sharma, Team india

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