हाइलाइट्स

दीप्ति का रनआउट पूरी तरह से ICC के नियमों के तहत था.
इंग्लैंड के क्रिकेटर इस पर भड़क गए और इसे ‘मांकडिंग’ करार दे दिया.
विवाद थमता नहीं दिख रहा है, अब हर्षा भोगले इंग्लैंड मीडिया की क्लास लगाई है.

नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही में वनडे सीरीज में इंग्लैंड को 3-0 से क्लीन स्वीप कर उसी के घर में बुरी तरह से हराया था. कप्तान हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में महिला टीम ने ऐसा करनामा पहली बार करते हुए इतिहास रच दिया, लेकिन लॉर्ड्स में खेला गया आखिरी वनडे मैच एक रनआउट की वजह से सुर्खियों में बना रहा. भारतीय ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने इंग्लैंड की चार्ली डीन को क्रीज छोड़ने पर रनआउट कर दिया, जिस पर पूरी दुनिया में हंगामा हो गया.

यह रनआउट पूरी तरह से ICC के नियमों के तहत था, लेकिन इंग्लैंड के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटर इस पर भड़क गए और इसे ‘मांकडिंग’ करार देते हुए खेल भावना के खिलाफ बता दिया. विवाद अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है. तमाम बहस के बीच दिग्गज कमेंटेटर हर्षा भोगले भी कूद पड़े हैं. उन्होंने इस मामले में इंग्लैंड की जमकर खबर ली है. हर्षा भोगले ने शुक्रवार को ट्विटर पर 8 ट्वीट की लंबी थ्रेड लिखकर इस मसले पर अपनी बात रखी है. उन्होंने कहा कि किस तरह इंग्लैंड, जहां क्रिकेट पैदा हुआ वो अपनी सोच अन्य लोगों और देशों पर थोपने की कोशिश कर रहा है. इसके साथ ही हर्षा ट्विटर पर ट्रेंड कर रहे हैं.

हर्षा ने अपने तर्कों से इंग्लैंड कर दी बोलती बंद
”मुझे ये बात बहुत ही परेशान कर रही है कि इंग्लैंड की मीडिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा एक ऐसी लड़की पर सवाल उठा रहा है जिसने खेल के नियमों के दायरे में रहकर खेला और कोई भी उस खिलाड़ी पर सवाल नहीं उठा रहा है, जो गैरकानूनी तरीके से फायदा उठाने की कोशिश कर रही थी और ऐसा वो कई बार कर चुकी थी. इसमें बेहद तर्कसंगत लोग भी शामिल हैं. मुझे लगता है कि इसके पीछे संस्कृति का हाथ है. अंग्रेज़ ये सोच रहे हैं कि जो हुआ वो गलत था, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के बेहद बड़े हिस्से पर राज किया है, इसलिये उन्होंने सभी को ये बताया कि वो गलत था.”

फिल्म पोनियन सेल्वन को लेकर क्रेजी हुए आर. अश्विन… गुवाहाटी में बोले- तमिल में PS1 का कोई शो है क्या?

Harsha Bhogle, Deepti Sharma, harmanpreet kaur, Indian women cricketer, england cricket board, harsha bhogle, english media, deepti sharma, run out, Charlie Dean, mankanding case

हर्षा भोगले ने कहा कि उपनिवेशी प्रभुता इतनी ताक़तवर थी कि उस पर बहुत कम उंगलियां उठीं.

औपनिवेशिक प्रभुता इतनी ताक़तवर थी कि बहुत कम उंगलियां उठीं
हर्षा भोगले ने आगे कहा, “उपनिवेशी प्रभुता इतनी ताक़तवर थी कि उसपर बहुत कम उंगलियां उठीं. नतीजा ये रहा कि आज भी यही समझा जाता है कि इंग्लैंड जिसे गलत समझे, बची हुई क्रिकेट की दुनिया को उसे ग़लत ही समझना चाहिये. ठीक वैसे ही, जैसे ऑस्ट्रेलियाई लक्ष्मण रेखा पार न करने का उपदेश देते हैं. वो लक्ष्मण रेखा, जो उन्होंने अपनी संस्कृति के अनुसार खुद ही खींची है और जो दूसरों के अनुसार ठीक नहीं हो सकती है. बाकी दुनिया इंग्लैंड की सोच के अनुसार चलने के लिये प्रतिबद्ध नहीं है और इसीलिए जो ग़लत है, वो हमें साफ दिखाई दे रहा है. ये भी सोचना गलत है कि टर्न लेने वाली पिचें खराब हैं और सीमिंग पिचें एकदम सही हैं.”

दीप्ति शर्मा से जुदा हरमनप्रीत कौर का बयान, जानें रनआउट विवाद पर क्या कहा

सदियों की गहरी नींद से जागने का समय आ गया है…
दिग्गज कमेंटेटर ने कहा, ”ये संस्कृति का मुद्दा है, ऐसा मैं इसलिये कह रहा हूं, क्योंकि ये ऐसी ही सोच के साथ बड़े होते हैं. इन्हें नहीं समझ में आता कि ये गलत है. ऐसे में समस्या खड़ी होती है और इसमें हम भी तब दोषी पाये जाते हैं जब लोग एक-दूसरे के नज़रिये के कारण लोगों को जज करते हैं. इंग्लैंड चाहता है कि बाकी के देश नॉन-स्ट्राइकर बल्लेबाज को रन आउट न करें और वो दीप्ति और ऐसा करने वाले बाकी खिलाड़ियों के प्रति बेहद आलोचनात्मक और कटुता से भरे रहे हैं. ऐसे में हमें भी ये कोशिश पुरजोर तरीके से करनी होगी कि बाकी लोग भी सदियों की गहरी नींद से जागें.”

‘इसके लिये सबसे आसान है कि नियमों के दायरे में रहकर क्रिकेट खेला जाए और क्रिकेट में खेल भावना सरीखी व्यक्तिनिष्ठ व्याख्याओं के फेर में न पड़ें और अपनी ओपिनियन को दूसरों पर थोपना बंद करें.’

Harsha Bhogle, Deepti Sharma, harmanpreet kaur, Indian women cricketer, england cricket board, harsha bhogle, english media, deepti sharma, run out, Charlie Dean, mankanding case

दिग्गज कमेंटेटर ने कहा कि ये संस्कृति का मुद्दा है, ऐसा मैं इसलिये कह रहा हूं, क्योंकि ये ऐसी ही सोच के साथ बड़े होते हैं.

ताकतवर लोग ये सोचना बंद करें कि दुनिया उनके हिसाब से चलेगी
हर्षा ने कहा, ”नियम ये कहता है कि जब तक गेंदबाज़ की बांह अपने सबसे ऊपरी पॉइंट पर रहे, नॉन-स्ट्राइकर को क्रीज के पीछे उस समय तक रहना चाहिये. यदि आप इसका पालन करेंगे तो खेल आराम से आगे बढ़ता रहेगा. यदि आप दूसरों पर उंगलियां ही उठाते रहेंगे, जैसा कि इंग्लैंड में कई लोगों ने दीप्ति पर उठायी है, आप अपने लिये सवालों को न्यौता देते रहेंगे. ये ज़रूरी है कि ताकतवर लोग, या वो जो कभी ताकतवर थे, ऐसा सोचना छोड़ दें कि दुनिया उनके ही हिसाब से चलेगी. जैसा कि समाज में होता है, एक न्यायाधीश ये सुनिश्चित करता है कि विधि का पालन हो.”

”ऐसा ही क्रिकेट में भी होता है. लेकिन जिस तरह से दीप्ति के प्रति कटुतापूर्ण बातें कही गयीं, मुझे इससे बेहद परेशानी हुई. वो नियमों में रहकर खेल रही थी और उसके किये की आलोचना पर तुरंत पूर्ण विराम लगना चाहिये.”

क्या है विवाद की जड़…
वनडे सीरीज़ का तीसरा और आखिरी मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला गया, यह भारतीय तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी का आखिरी वनडे मैच भी था. टीम इंडिया ने पहले बैटिंग करते हुए 169 का स्कोर बनाया, जवाब में इंग्लैंड की टीम 153 रन ही बना पाई. इंग्लैंड के 9 विकेट गिर चुके थे, उस वक्त इंग्लैंड को 39 बॉल में 17 रनों की जरूरत थी. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा बॉलिंग करने आईं. तभी नॉन-स्ट्राइक एंड पर खड़ी चार्ली डीन अपनी क्रीज़ से बाहर निकल गई और दीप्ति ने उसे रनआउट कर दिया. पहले इसे ‘मांकड़िंग’ कहा जाता था, लेकिन अब ICC के नियमों के मुताबिक यह रनआउट है.

Tags: Deepti Sharma, England cricket board, Harmanpreet kaur, Harsha Bhogle, Indian women cricketer

Source link

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.